प्रयागराज की अमृता तिवारी को 'ब्रेन, ब्यूटी एंड ब्रिलियंस' अवॉर्ड: मदद फाउंडेशन की 'रविवार की रसोई' को मिली राष्ट्रीय पहचान

प्रयागराज। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपनी अनूठी पहल 'रविवार की रसोई' के माध्यम से जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाली मदद फाउंडेशन की प्रमुख अमृता तिवारी को 'ब्रेन, ब्यूटी एंड ब्रिलियंस अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार प्रयागराज की उन 20 सशक्त महिलाओं को प्रदान किया गया, जिन्होंने अपनी मेहनत, बुद्धिमत्ता और सौंदर्य के दम पर समाज में नई ऊंचाइयों को छुआ है। अमृता तिवारी का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि मदद फाउंडेशन के सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर चमकाने वाला एक मील का पत्थर साबित हुआ।

मदद फाउंडेशन, जिसकी स्थापना मंगला प्रसाद तिवारी ने की है, पिछले कई वर्षों से सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय है। फाउंडेशन की प्रमुख पहल 'रविवार की रसोई' प्रत्येक रविवार को संचालित होती है, जिसके माध्यम से सैकड़ों फुटपाथ पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क भोजन, पानी, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई जाती हैं। यह अभियान विशेष रूप से गरीब, बेघर, निराश्रित और फुटपाथ पर रहकर अपना जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए चलाया जाता है। फाउंडेशन की खास बात यह है कि टीम का प्रत्येक साथी इस कार्य के लिए अपनी आय का 10% हिस्सा समर्पित करता है, जो उनकी निस्वार्थ सेवा भावना का प्रतीक है। अमृता तिवारी ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए कहा, "यह सम्मान मेरे व्यक्तिगत प्रयासों का फल नहीं, बल्कि मदद फाउंडेशन की पूरी टीम के समर्पण का प्रतीक है। संस्थापक मंगला प्रसाद तिवारी के मार्गदर्शन में हमारा लक्ष्य है कि कोई भी भूखा न सोए, और 'रविवार की रसोई' इसी दिशा में एक छोटा लेकिन सार्थक कदम है। असली पुरस्कार उन मुस्कानों में छिपा है, जो हम जरूरतमंदों तक पहुंचा पाते हैं।"

यह भव्य समारोह सिविल लाइंस स्थित नेक्सा बिल्डिंग के प्रथम तल पर एंजेल कॉस्मेटोलॉजी एंड वेलनेस सेंटर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आयोजक और एंजेल कॉस्मेटोलॉजी एंड वेलनेस सेंटर के निदेशक डॉ. शशांक खरबंदा ने समारोह का शुभारंभ सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए किया। डॉ. खरबंदा ने कहा, "ये अवॉर्ड्स उन महिलाओं को समर्पित हैं जो समाज की रीढ़ हैं। अमृता तिवारी और मदद फाउंडेशन जैसी पहलों का संघर्ष और सफलता हमें सभी को प्रेरित करती है। एंजेल कॉस्मेटोलॉजी एंड वेलनेस सेंटर का उद्देश्य हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा है, और यह आयोजन उसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।"

कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में डॉ. सविता दीक्षित, मिस विभा बोस, मिसेज जागृति एस. यादव और डॉ. कीर्ति अग्रवाल ने शिरकत की। डॉ. सविता दीक्षित ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा, "अमृता तिवारी जैसी महिलाएं न केवल अपने परिवार की, बल्कि पूरे समाज की आशा हैं। उनकी सेवा भावना हमें सभी को प्रेरित करती है।" वहीं, मिस विभा बोस ने युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा, "सपनों को साकार करने के लिए साहस और दृढ़ता जरूरी है, जो मदद फाउंडेशन की 'रविवार की रसोई' जैसी पहलों में प्रचुर मात्रा में दिखाई देती है।"

इस अवॉर्ड समारोह में अमृता तिवारी के अलावा अन्य 19 उल्लेखनीय महिलाओं को भी उनके क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें अंतरा गांगुली, चारु ग्रोवर वालिया, डॉ. गरिमा कुशवाहा, डॉ. जयीता ग्रोवर, डॉ. शालिनी पांडे, मधुमति गांगुली, मैरीन सकथिवेल राजू, नीतू रानी, नेहा खरे, पूजा श्रीवास्तव, प्रियंका शर्मा, ऋषिका केसरवानी, राधा गुप्ता, मान्या अरोरा, मानवी श्रीवास्तव, प्रियंवदा कुमार और डॉ. जया टंडन शामिल हैं। ये महिलाएं शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, कला और उद्यमिता जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ चुकी हैं।

समारोह का समापन डॉ. शशांक खरबंदा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ, जिसमें उन्होंने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों, सहयोगियों और विशेष रूप से मदद फाउंडेशन की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। हम भविष्य में भी महिलाओं को आगे बढ़ाने और सामाजिक सेवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।"


यह कार्यक्रम प्रयागराज की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। अमृता तिवारी, मंगला प्रसाद तिवारी के नेतृत्व वाली मदद फाउंडेशन और 'रविवार की रसोई' की यह उपलब्धि न केवल स्थानीय स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बनेगी, बल्कि राष्ट्रीय पटल पर भी सामाजिक सेवा की नई मिसाल कायम करेगी। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ